हर खाँसी, बुखार को नहीं कहा जाता कोरोना वायरस, जाने दोनो में क्या है अंतर
कोरोना वायरस के मरीजों को देख आज कल लोग ज्यादा घबड़ा गए है और छोटे-मोटे खाँसी जुखाम और बुखार को भी लोग कोरोना वायरस के लक्षण समझ रहे हैं पर ऐसा कुछ नहीं है आज हम आपको बताने जा रहे है कोरोना वायरस के असली लक्षण- जानें अंतर- कई बार ये पता लगाना आसान नहीं होता है कि मरीज इंफ्लुएंजा (फ्लू) या कॉमन कोल्ड से जुखाम होने पर ज्यादा तर गले में खरास होती है फिर नाक बहने लगती है फिर दो तीन दिन बाद खाँसी होती है साथ ही कई दिन से गलें में दर्द और बुखार से परेशान रहतें है इससे कमजोरी महसूस होती है लेकिन नॉर्मल कोल्ड जल्दि खत्म हो जाता है इसके विपरीत फ्लू को ठीक होने में वक्त लगता है कमजोरी के साथ-साथ इसमें माँसपेशियों में भी दर्द होता है। कोरोना वायरस के लक्षण- करोना वायरस जिसे WHO ने कोविड- 19 नाम दिया है इससे पिड़ित लोगो को सांस लेनें में दिक्कत होती है। इसमें सांस प्रणाली का निचला हिस्सा यानी की लंग्स फेफड़े प्रभावित होते है जिस वजह से लेगों को सुखी खाँसी आती है और सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है इसका अर्थ है बैसे लोग जिनकी नाक वह रही हो गलें में खरास हो उन्हें इस वायरस से ज्यादा घबराने ...